शुक्रवार, 17 जुलाई 2026

जिंदगी रहते रहते बुजुर्गों की सेवा कर लो और अपना अभिमान उनके चरणों मे रख दो

जिंदगी रहते-रहते बुजुर्गों की सेवा
जिंदगी रहते-रहते अपनों का मान कर लो,
माँ-बाप, बुजुर्गों का थोड़ा सम्मान कर लो।
जब तक सिर पर उनका साया बना हुआ है,
उनके चरणों में अपना अभिमान धर लो।
कल तस्वीरों पर फूल चढ़ाने से क्या होगा,
आज उनके संग दो पल बैठकर प्यार कर लो।
दवा से पहले मीठे बोलों की ज़रूरत होती है,
उनके चेहरे पर मुस्कान का उपहार कर लो।
समय का पहिया कब किस ओर मुड़ जाए कौन जाने,
जो करना है, आज ही दिल से कर लो।
क्योंकि... चिता की आग से पहले,
जीते-जी सेवा का दीप जलाना सीखो।
श्रद्धांजलि से बड़ा पुण्य,
बुजुर्गों की मुस्कान है।
अम्मा आपको श्रद्धांजलि

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