शनिवार, 11 जुलाई 2026

"भल् जै के हूँ पै?"

टेक : "भल् जै के हूँ पै?"


बिदेश बसी च्यल असोजक कर्र्यल भल् जै के हूँ पै?
दबंग है अर्ज पधानक कर्ज
चटोर सैंणि द्व्ब लागणी मैंस
मतलबी यार दुख मैं फरार 
मोबाइलक नशा
भुली गै भाषा
रीलक शौक छुटिगै य लोक
दिखावक ठाठ,खाली बात
झूठी सान खोई पहचान
लोभक धन,बेचैन मन
उधारक ठाठ,घाटै घाट
काम बिना बात,दिनभर गप्प
नशेडी़ भाई,घरकि लड़ाई
ईजाक सीख,लागे अब फींक
बाज्यूक बात,छोड़दी जात
जंगल काट,सूखिगै गाड़
खेत बंजर,बैठो घरपर
दहेजक रीत,टुटिगै प्रीत
चुनावक वादा,भुलिगै इरादा
नेताक भाषण,खाली आश्वासन
घूसक चाल,जनताक हाल
मीठी बोली,भीतेर ठगी
नामक दान,मन मैं अभिमान
मेहनत छोड़,भाग्यक होड़
महँगो बजार,खाली उधार
रोजगार दूर,बैठो मजबूर
कागजक काम,चक्कर तमाम
अफसरक चाल,जनताक हाल
सिफारिस जोर,मेहनत कमजोर
झूठक साथ,बिगड़िगै बात
दिखावक मान,खाली सम्मान
धनक घमण्ड,टुटिगै सम्बन्ध
ईजा अकेले,च्यलक खेल
बाज्यूक आस,फोनक विश्वास
भाषाक लाज,भुलिगै आज
अपणि रीत,छोड़िगै प्रीत
फोटो हजार,सेवा बेकार
कुर्सीक प्यार,जनता बेकार
दूसरक दोष,अपणो नै होश
धर्मक नाम,फैलिगै दाम
साँचक बाट,सबूलैं काट
ठय्कक खेल,जनताक तेल
नेताक हँसी,जनताक फाँसी
भाषण भारी,जेब  खाली
रिश्वतक चाल,बिगड़िगै हाल
पैसाक मान,भुलिगै ईमान
फोटो खिंचाण,कामक  स्याण
सेल्फीक शौक,भुलिगै लोक
खेत बिकाण,सहर बसाण
गौ-गोठ सूनी,बज्यूँणैकि धूनी
घर मैं ताल,भ्यार कमाल
ब्याक ठाठ,उधारक बाट
दाज्यूँक मार,भुलिगै भाईचार
मन्दिर भीड़,मन मैं पीड़
झूठक जीत,हारिगै प्रीत
कपटी यार,भितर वार
पैसाक जोर,साँचो कमजोर
रिश्ताक डोर,स्वार्थक छोर
कर्जक शान,बेचैन प्राण
दिखावक दान,मन मैं गुमान
घरक बँटवार,टुटिगै प्यार
गौंक खेत,उगिगै घास
पनघटक गीत,भुलिगै प्रीत
ढोलक थाप,मोबाइल जाप
मेलाक रौनक,रैगै कौतिक
अपणि बोली,भुलिगै टोली
लालचक चाल,बिगड़िगै हाल
झूठक राज,साँचो लाज
अपणो माट पानी,बेचणि ठानी
भाषाक मान,यै छै पहचान
माटीक गंध,जीवनक सुगंध
अपणो गाँव,मिलजुल रै
अपणि संस्कृति तबै बचै
तब भलो सब हूँ पै।

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