हॉं हाँ हाँ ग्वेल ज्यू दुदाधारी,
हाँ हाँ हाँ ग्वेल ज्यू …।।
न्याय के धनी दरबार तुम्हारो,
घंटीऽऽ बाजें भारीऽऽ…
अरज सुनो जी भक्तों की तुम,
लीजो खबर हमारीऽऽ…
चंपावत धरती पावन भई रे,
जन्म लियो अवतारीऽऽ…
भक्तन की अरज सुनी झटपट,
फरियाद हमारी
सफेद घोड़ा सवार भए आयो
छवि लागे अति प्यारी
ढोल दमाऊँ बाजन लागे
रंग उडें अति भारी
अबीर गुलाल उडा़वन लागे
होली खेलें अति न्यारी
अल्मोड़ा बटि गूँजी होली,
चितई घंटी बाजें भारीऽऽ…
नैनीताल घोड़ाखाल में,
छवि लागे अति प्यारीऽऽ…
बागेश्वर-पिथौरागढ़ गावे होली ,
महिमा अपरंपारीऽऽ…
तराई ऊधमसिंह नगर में,
रंग बरसे अति न्यारीऽऽ…
देहरादून हरिद्वार धुन में,
गंगा बहे सुधारीऽऽ…
पौड़ी-टिहरी-रुद्रप्रयाग में,
जय-जयकार तुम्हारीऽऽ…
चमोली-उत्तरकाशी गावें,
हिम छाया सुखकारीऽऽ…
कुमाऊँ-गढ़वाल एक सुर भये,
होली खेलन हारीऽऽ…
आऽऽऽ हाँ हाँ हाँऽऽऽ…
रंग भरो न्याय की झोली…
जय-जय ग्वेल ज्यू दुदाधारी…
देव सती पहाड़ी बटोही
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