सोमवार, 11 अगस्त 2025

संकट व्रत जानकारी

आज संकट चौथ (संकष्टि) क व्रत छू य साल में द्वी बार मनायी जा, एक तो माघ मास कृष्ण पक्ष क चतुर्थी हुं मनायी जा और एक  भाद्र माह कृष्ण पक्ष कि चतुर्थी हुं मनायी जा, 
य व्रत को घरक ठुल सदस्य करु, 
यमे  घरक सब सदस्यों क नामक (महीला सदस्यों लिजी २८ और पुरुष सदस्यों लिजी १०८ दुबा) गिन बेर गणेश जू के चढाई जानी , 
और तिलक मोदक ले बने बेर चढानी , और ऊं संकष्ट हर गणपतये नमः क जाप करे और ब्याल के भगवान गणेश जूक पूजन कर चंन्द्रमा जूक पूजन कर और अर्घ्य दि बेर व्रत क पूर्ण हुं,
श्री गणेश जु सबनक कष्ट दूर करो, जय श्री गणेश  🙏🏿

शुक्रवार, 8 अगस्त 2025

धराली उत्तरकाशी आपदा

हजारों पेडों की बली देकर परिहास करते हो 
वनों से फिर ठण्डी हवा पानी की आस करते हो
अरे पहाड़ो को खोदकर कुरूप कर दिया तुमने 
क्या इसी को तुम विकास कहते हो 

पहाड की माटी पत्थर सोने के भाव बेच रहे हो 
क्या कभी बारीश में सहम्ति कुडियों की सुध भी लिए रहे हो
आज दरक रहे हैं पहाड दफन हो रही है मासूम है सांसे 
क्या इसी को तुम विकास कहते हो 

अरे कितने नेता आये कितने अधिकारी आये 
न रूका है ये खनन न रूक वनो का दमन  
पहाड के युवा का रोजगार छीन कर भण्डार अपने भरते हो 
क्या इसी को तुम विकास कहते हो 

अरे अब तो देखो सरयू सुख कर पैताल चली गयी 
दो नदियों के संगम में पानी के लिए त्राहि त्राहि मच गयी 
जाने क्या मिलेगा रोज सरयू माँ की छाती खोद कर
क्या इसी को विकास कहते हो 

हजारों पेडों की बली देकर परिहास करते हो 
वनों से फिर ठण्डी हवा पानी की आस करते हो
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भास्कर सिंह नेगी (गुरु)